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छिंदवाड़ा जीआईएस

छिंदवाड़ा जी.आई.एस एक डिजिटल प्रणाली है, जिसके माध्यम से ज़िला स्तर पर भौगोलिक सूचना प्रणाली (जी.आई.एस) तकनीक का उपयोग करते हुए भौगोलिक एवं प्रशासनिक डेटा का संग्रहण, भंडारण, प्रबंधन तथा विश्लेषण किया जाता है।

भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन की पहल के अंतर्गत इस प्रणाली का उपयोग राज्य में विकास कार्यों की योजना निर्माण, निगरानी तथा प्रभावी प्रबंधन के लिए किया जा रहा है।

छिंदवाड़ा जी.आई.एस प्लेटफ़ॉर्म विभिन्न प्रकार की स्थानिक जानकारियों—जैसे सड़क नेटवर्क, पेयजल आपूर्ति प्रणाली, सीवर लाइनें, भूमि उपयोग, सरकारी परिसंपत्तियाँ, विद्यालय, अस्पताल तथा अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे—को एक ही डिजिटल मैप प्लेटफ़ॉर्म पर एकीकृत रूप से उपलब्ध कराता है।

पोर्टल लिंक: chhindwaragis.mp.gov.in/

परख (PARAKH) प्लेटफॉर्म

परख (PARAKH) एक व्यापक डिजिटल समाधान है जिसे मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) द्वारा बनाया गया है। यह वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन दोनों रूपों में उपलब्ध है। इसका मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में डेटा संग्रह, फील्ड निरीक्षण और सर्वेक्षण (सर्वे) के काम को आसान और सुव्यवस्थित बनाना हैं।

यह प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं को उनकी जिम्मेदारी के अनुसार अलग-अलग प्रकार के फॉर्म बनाने और जमा करने की सुविधा देता है, जैसे कि:

  • फील्ड निरीक्षण और सर्वेक्षण फॉर्म (Field Inspection & Survey Form): इसका उपयोग तय किए गए स्थलों पर जाकर निरीक्षण करने और सर्वेक्षण की जानकारी दर्ज करने के लिए किया जाता है।
  • आकस्मिक निरीक्षण फॉर्म (Sudden Inspection Form): विभागीय अधिकारियों द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के किए गए औचक निरीक्षण की रिपोर्ट और तस्वीरें अपलोड करने के लिए इसका उपयोग होता है।
  • संपत्ति सर्वेक्षण फॉर्म (Asset Survey Report): इसके जरिए सरकारी या विभागीय संपत्तियों (जैसे भवन, खुले प्लॉट आदि) का डिजिटल निरीक्षण और ट्रैकिंग की जाती है।
  • डेटा संग्रह और सामान्य फॉर्म (Data Collection & General Form): यह नियमित या समय-समय पर जानकारी अपडेट करने के लिए एक सामान्य प्रश्नावली (क्वेश्चनेयर) के रूप में होता है।

इस एप्लीकेशन का उपयोग तीन अलग-अलग प्रकार के यूजर्स करते हैं:

  1. नागरिक उपयोगकर्ता (Citizen Users): आम नागरिक इस विकल्प के जरिए सामान्य पब्लिक फॉर्म तक पहुंच सकते हैं और उन्हें भर सकते हैं।
  2. विभाग उपयोगकर्ता (Department Users): सरकारी अधिकारी और कर्मचारी, जो फील्ड निरीक्षण, संपत्ति प्रबंधन और विभाग से जुड़े सर्वेक्षणों को पूरा करते हैं।
  3. एजेंसी/विक्रेता उपयोगकर्ता (Agency/Vendor Users): बाहरी एजेंसियां या पार्टनर्स जो अपनी कार्य रिपोर्ट या निरीक्षण रिपोर्ट जमा करते हैं।
  • मोबाइल ऐप की कार्यप्रणाली: फील्ड पर काम करने के लिए, विभाग के इंस्पेक्टर मोबाइल ऐप डाउनलोड कर सकते हैं, अपना जिला चुनकर लॉगिन कर सकते हैं और मैप पर दिख रहे लाल पिन (रेड मार्कर्स) की मदद से सर्वेक्षण वाली जगह की पहचान कर सकते हैं। यदि फील्ड में नेटवर्क की समस्या हो, तो ऐप में ‘Save As Draft’ का विकल्प दिया गया है, जिससे डेटा ऑफलाइन सेव हो जाता है और बाद में फॉर्म पूरा किया जा सकता है।
  • उपयोगकर्ता पदानुक्रम (User Hierarchy): वेब पोर्टल पर सुरक्षा और सुचारू काम के लिए एक स्पष्ट हाइरार्की तय की गई है। इसके तहत स्टेट एडमिन द्वारा नोडल ऑफिसर की प्रोफाइल बनाई जाती है, नोडल ऑफिसर आगे रिपोर्टिंग ऑफिसर बनाते हैं और रिपोर्टिंग ऑफिसर जमीनी स्तर पर काम करने वाले इंस्पेक्टरों को जोड़ते हैं।
  • संपत्ति आवंटन और समय-सीमा (Asset Allocation): वेब सिस्टम के माध्यम से एडमिनिस्ट्रेटर किसी विशेष संपत्ति को निरीक्षण के लिए संबंधित विभागीय कर्मचारी को सौंप (Assign) सकते हैं। इसके लिए वे मासिक, तिमाही, छमाही या वार्षिक समय-सीमा भी तय कर सकते हैं ताकि समय पर डेटा अपडेट होता रहे।
  • रिपोर्ट डैशबोर्ड (Reporting Dashboard): “Reports” सेक्शन के माध्यम से उच्च अधिकारी आसानी से पूरे हो चुके सर्वेक्षणों को देख सकते हैं, औचक निरीक्षण के दौरान ली गई तस्वीरों को ट्रैक कर सकते हैं, और काम की प्रगति का विश्लेषण करने के लिए विभाग या जिले के अनुसार डेटा को फिल्टर कर सकते हैं।