स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स सेवा

“वॉश ऑन व्हील्स” (WoW) एक ऐप-आधारित मोबाइल स्वच्छता सेवा है, जिसकी मूल अवधारणा और पायलट प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-2 के तहत जिला प्रशासन छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश द्वारा तैयार किया गया था। माँग-आधारित मॉडल के रूप में डिज़ाइन की गई इस पहल के अंतर्गत स्वच्छता कार्यकर्ताओं (स्वच्छता साथियों) को हाई-प्रेशर वॉशर, पर्यावरण-अनुकूल सफाई सामग्री और व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण से लैस मोटर चालित वाहनों से सुसज्जित किया गया है। यह सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत शौचालयों (जैसे स्कूल, आंगनवाड़ी, पंचायत भवन और स्वास्थ्य केंद्र) के साथ-साथ व्यक्तिगत घरेलू शौचालयों के लिए त्वरित, पेशेवर और गहन सफाई  की सुविधा प्रदान करती है।

इस पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ प्राथमिक रूप से 26 सितंबर 2024 को छिंदवाड़ा जिले के तामिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत छिंदी से किया गया था। ग्रामीण स्वच्छता में रख-रखाव की समस्याओं से निपटने में अपनी प्रभावशीलता के कारण इस पहल ने तेजी से सफलता हासिल की।

कम उपयोग में आ रहे शौचालयों को पुनः कार्यशील बनाने और सार्वजनिक स्वच्छता में सुधार लाने में इसकी अपार सफलता को देखते हुए, माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने इस ‘छिंदवाड़ा मॉडल’ को राज्य के सभी जिलों में लागू करने की स्वीकृति प्रदान की है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता मित्र का अभाव होने से ग्राम पंचायतो मे संस्थागत शोचालयो साफ सफाई की कमी आमतौर पर रहती है एवं परम्परागत कार्यशैली के अनुसार साफ सफाई प्रभावी ढंग से नहीं हो पाती है जिससे संस्थागत शोचालयो की उपयोगिता प्रभावित होती है. उपयोग न होने की वजह से टूट फूट व रख रखाव भी प्रभावित होता है. उक्त कमियों को दूर करने के लिए जिला प्रशाशन द्वारा स्वच्छता साथी Wash On Wheels नवाचार का निर्णय लिया गया है

ग्रामीण क्षेत्र के संस्थागत शौचालयों को स्वच्छ एवं उपयोगी बनाना स्कूल, आंगनवाड़ी, पंचायत, स्वास्थ्य केन्द्र, छात्रावास आदि संस्थाओ के शौचालयो को एवं व्यकिगात शौचालयो के रख रखाव एवं उपयोग को बढावा देना ताकि स्वच्छ भारत मिशन फेज 2 में व्यकिगत शौचालयो की साफ सफाई को बढावा मिल सके. ओडीएफ एंव ओडीएफ प्लस की निरंतरता बनाये रखने मे सहायता मिल सके.

स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत स्वच्छता साथी Wash On Wheels कार्यक्रम को शुरु करने हेतु निस्रानुसार कार्ययोजना बनायी गयी

  1.  इसमें सर्वप्रथम जिले की प्रत्येक 11 जनपदों में 03 ग्राम पंचायतो से 01 क्लस्टर का गठन किया गया.
  2. चयनित क्लस्टर हेतु स्वच्छता साथी का चिन्हांकन किया गया, तथा उन्हें आधुनिक उपकरण एवं व्यक्तिगत सुरक्षा किट प्रदान की गयी है.
  3. जिसमे ईलेक्ट्रिक एवं बैटरी ऑपरेटेड वाशर मशीन के साथ, व्यक्तिगत सुरक्षा किट (हेलमेट, चश्मा, मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट, गमबूट) स्वच्छता किट (टॉयलेट क्लिनर, फिलाईल, ब्रश, झाडू, वाईपर, मग, बाल्टी, आदि सुविधानुसार शामिल है.
  4. उक्त कार्यक्रम में स्वच्छता साथियों द्वारा वाहन के माध्यम से क्लस्टर पंचायतो में जाकर सभी संस्थागत शोचालयों में जिनमे स्कूल, आंगनवाडी, छात्रावास, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वच्छता परिगरों में बैटरी गंचालित वॉशर मशीन द्वारा सफाई की जाएगी. प्रत्येक माह में 04 बार उक्त संस्थाओ में मांग के आधार पर स्वच्छता माथी द्वारा जाकर निर्धारित शुल्क पर सफाई की जाएगी
  5. उपरोक्त कार्यक्रम को बिधि संगत बनाने के लिए जिले स्तर पर मॉडल अनुबंध पत्रक तैयार कराया गया जिसके उपरान्त 03 जनपद पंचायतो में उक्त अनुबंध जिसमे स्वच्छता साथी , सरपंच, स्कूल प्राचार्य द्वारा मंयुक्त हस्ताक्षर किये गए है.
  6. स्वच्छता साथी Wash On Wheels कार्यक्रम में सुविधा शुल्क जिनमे क्लस्टर मुख्यालय ने 05 किमी तक 200 रु० प्रति शौचालय यूनिट सफाई शुल्क प्रस्तावित किया गया है एवं क्लस्टर मुख्यालय से 05 किमी० से अधिक होने पर 250 रु० प्रति शौचालय यूनिट सफाई शुल्क प्रस्तावित किया गया है.
  7. उक्त नवाचार में मंलय स्वच्छता साथी को रोजगार के साथ साथ लगभग 20000/- (बीम हजार) अनुमानित मासिक आमदनी होगी।